बेटी की कमसिन जवानी-5

बापू आहिस्ते आहिस्ते अपनी बेटी पद्मिनी की जवान कुंवारी चुत की पंखुड़ियों को अपनी उंगलियों से आराम से खोलते हुए अपनी जीभ को चूत के उन मुलायम हिस्सों पर फेर रहा था.. जो ज़्यादा लाल और नाज़ुक होते हैं.

बेटी की कमसिन जवानी-4

मैं टीचर के साथ क्लास में बिल्कुल अकेली थी, तो उसने मुझको किस किया, मेरे जिस्म पर हाथ फेरा. पता नहीं क्यों वह मुझे अच्छा लगा. उसके बाद जब भी मौका मिलता वह मेरा ब्लाउज खोल मेरी चूचियों को चूसता!

अधूरे सपनों की दास्तान-2

हमारे समाज ने सेक्स को टैबू बनाया हुआ है, सौ में से नब्बे लोग इन समाजों में यौनकुंठित और दुखी ही हैं। जबकि पश्चिमी सभ्यता में यह रोजमर्रा का आम व्यवहार है और वे सेक्स को खुल कर जीते हैं और हमारे मुकाबले वे ज्यादा खुश और खुशहाल हैं।

बेटी की कमसिन जवानी-3

पद्मिनी पीठ पर स्कूल बैग लिए हुए बापू के कंधों को पकड़ कर मीठी आवाज़ में बोली- आज क्या हो गया आपको, मुझे स्कूल नहीं जाने दोगे? छोड़िये मुझे, बस करो प्यार करना.. कितना दुलार करेंगे आज आप मेरे साथ?

अधूरे सपनों की दास्तान-1

फेसबुक पर बना मेरा एक दोस्त सऊदी में रहता है, उसे मेरी मदद की जरूरत पड़ी, कचहरी का काम था, मैंने उसकी खूबसूरत बीवी की मदद की, उसे पहली बार देख मेरा मन बहक सा गया था.

बेटी की कमसिन जवानी-2

खूब चूमाचाटी के बाद अब बापू से रहा न गया और वो पद्मिनी के ऊपर चढ़ गया. पद्मिनी सोच रही थी कि उफ़ क्या करेगा यह बापू अब… ओह माय गॉड? कहीं अन्दर तो नहीं डालेगा… मैं क्या करूँगी अगर अन्दर डाला तो??

कोरोना वार्ड में करो ना मजा- 2

हॉस्पिटल सेक्स कहानी में पढ़ें कि कोरोना ग्रस्त होकर मैं अस्पताल में था. मैंने दारू का इंतजाम कर लिया था और चूत के जुगाड़ में था. मुझे अस्पताल में चूत कैसे मिली?

बेटी की कमसिन जवानी-1

एक जवान लड़की की माँ मर चुकी है, वो अपने पिता के साथ रहती है. उसके स्कूल की लड़कियों ने उसके बारे में फैला दिया कि उसके स्कूल टीचर से सम्बन्ध हैं. यह बात उसके पिता तक पहुंची.

कोरोना वार्ड में करो ना मजा- 1

कोरोना संक्रमण के कारण मैं अस्पताल गया. मैं बेड पर लेटा साले की बेटियों की चुदाई याद करके सोच रहा था कि यहाँ कोई चूत मिल जाए तो मजा आ जाए.

अफसर के मन मेरी गांड भाई

हम दोनों दोस्तों को रेलवे की नौकरी मिल गयी थी. एक दिन मेरे दोस्त ने मुझे एक नए आये अफसर से मिलवाया. उसके साथ हमारा गांडूपाना कैसे चला?