दो भाभियों के साथ लॉकडाउन में सेक्स

गाँव की हॉट भाभी से सेक्स किया मैंने लॉकडाउन के दौरान. मेरे साथ मेरा एक दोस्त भी था. हमें सेक्स करते किसी ने देख लिया तो … क्या हुआ?

सभी अन्तर्वासना प्रेमियों को नमस्कार. कई बार कुछ चीज ऐसे अवसर में भी अच्छी हो जाती हैं जो आमतौर पर खराब अवसर कहे जाते हैं.
ऐसा ही एक अवसर इस महामारी में आया, तब मेरे साथ भी यही कुछ अच्छा हो गया.

पूरे देश में हुए लॉकडाउन के समय ने मेरी ज़िंदगी में बहार ला दी थी.

उसी अवसर पर आधारित एक घटना को आज मैं गाँव की सेक्सी भाभी की चूत चुदाई कहानी के रूप में लिख कर सुनाने जा रहा हूँ.
जब खुल्लम खुल्ला चुदाई का मौक़ा मिले और वो भी एक को नहीं दो को चोदने का मौक़ा मिले, तो आप इसे क्या कहेंगे?
मेरा दावा है कि आप यही कहेंगे कि काश मुझे भी ये मौक़ा मिल जाता.

मुझे ये मौक़ा कैसे मिला … और उसके बाद से आजकल मैं कैसे अपनी भाभियों को चोद पा रहा हूँ.
इस महामारी कोरोना की कृपा से वही सब आपको बता रहा हूँ.

मेरा नाम राहुल है. मैं मुंबई में रहता हूँ, पर अभी मैं गुजरात अपने गांव आया हुआ हूँ. मुंबई में मैं, अपने भाई और भाभी के साथ रहता हूँ.

जब लॉकडाउन की शुरुआत हुई तो किसी कारण भैया मुंबई में ही रह गए और मैं और भाभी गुजरात अपने गांव में पहुंच गए थे.

प्रशासन ने घर में रहने को कहा था. इसलिए घर से बाहर निकल नहीं सकते थे.

इधर मेरे साथ मेरी दो भाभी रहती हैं. एक जो मुंबई से मेरे साथ आई थीं, जिनका नाम सोनल है और दूसरी भाभी बड़ी हैं, उनका नाम विधि है. उनके पति दुबई में रहते हैं.

भैया और विधि भाभी की शादी को दो साल हो चुके हैं. शादी के चार महीने बाद ही मेरे बड़े भाई दुबई चले गए थे.
विधि भाभी को अब तक कोई बच्चा नहीं हुआ है. उनकी उम्र 32 साल की है.

जबकि मेरी छोटी भाभी सोनल 25 साल की हैं. उनको भी अभी कोई बच्चा नहीं हुआ है. यानि दोनों फ्रेश माल हैं … दोनों की चुत कसी हुई है.

बड़ी भाभी को मैं पहले भी चोद चुका हूँ मगर छोटी भाभी को मैंने कभी नहीं चोदा था. मगर मैं उनको पसंद बहुत करता था.

इस बार गांव में सोनल भाभी को भी चोदने का मौक़ा उस वक्त मिल गया, जब मैं और दोनों भाभियों के साथ मैं ही घर में था.

असल में इस लॉकडाउन में घर में रहते रहते हम सभी काफी बोर हो गए थे. कहीं आना जाना होता नहीं था, तो बड़ी भाभी के साथ धीरे धीरे पुरानी बातें चलने लगीं.

मुझे वो सब दिन भी याद आ गए, जब पहली बार मैंने उनको चोदा था.

गाँव की सेक्सी भाभी ने उस दिन फिर से चुत ऑफर कर दी.
उन्होंने कहा कि आज रात आप मेरे कमरे में ही सोएंगे.

मैंने दोपहर को खाना खाया और भाभी की चुत चुदाई की सोचने लगा.
ऐसे में मैं रोज रात में बरामदे में पड़े तख्त पर सोता था और दोनों भाभी अपने अपने कमरे में सोती थीं.

मुझे भाभी की चुत की खुजली मिटानी थी, तो मैं कुछ अलग सोच रहा था.

चूंकि प्रशासन ने दवाइयों की दुकानें खुली रखी थीं, तो उस दिन खाना खाने के बाद मैं सो गया और शाम को एक सेक्स पावर बढ़ाने वाली एक गोली ले आया ताकि अच्छी तरह से भाभी की भोस का भोसड़ा बना सकूं.

मैं वहां से निकल ही रहा था कि एक पुराना दोस्त सन्नी मिल गया. उससे कुछ देर बातें की.

बातों बातों मैं उसने शराब पीने के लिए पूछा.
मैंने भी मना नहीं किया.
ऐसे लॉकडाउन में शराब तो कहीं मिल ही नहीं रही थी, मगर सन्नी के पास दारू का स्टॉक रहता था, तो उसने मुझे दारू की बात कह दी थी.

मैं उसके घर आ गया और हम दोनों बॉटल खोल कर बैठ गए. तीन तीन पैग लेते ही हम दोनों को सुरूर चढ़ने लगा और पुरानी बातें याद करके एक दूसरे की खिंचाई करने लगे.

जब हम दोनों साथ में पढ़ाई करते थे, तो उस वक़्त हम दोनों ने बहुत से माल पटा पटा कर चोदे थे. उन जुगाड़ों में कोई कमसिन लौंडिया होती थी, तो कभी गांव की कोई चाची या भाभी होती थी.
हम दोनों सैटिंग को कभी स्कूल के पीछे ले जाकर चोद लेते थे, तो कभी खेत पर ले जाकर पम्प हाउस में रगड़ देते थे.

कभी कभी तो घर में सूनापन होता, तो घर लाकर ही खुल कर चुदाई का मजा कर लेते थे.

हम दोनों को दारू की इस पार्टी में सारे पुराने दिन याद आ गए थे.

तभी उसने मुझसे पूछा कि यार इतनी देर से मैंने तुझसे पूछा ही नहीं कि तुम गांव कब आए?
मैंने कहा- अभी कुछ दिन पहले ही लॉकडाउन शुरू हुआ था, तभी आया था. भाभी भी साथ में आ गई हैं, भैया मुंबई में ही हैं. वो अब उधर फंसे हुए हैं, अब तो उनका आना लॉकडाउन खुलने के बाद ही हो सकेगा.

फिर थोड़ी देर उससे इधर उधर की बातें हुईं. एक एक सिगरेट का मजा लिया और मैं अपने घर पर आने के लिए निकलने लगा.

मुझे काफी चढ़ गई थी और मैं लड़खड़ाते हुए उठ रहा था.
तभी उसने बोला- खुद को अकेले संभाल लोगे!
मैंने कहा- अरे वो सब देख लूंगा. तुझे साथ चलना हो तो चल … आज भी एक माल है.

वो माल की बात सुनकर चौंक गया. उसने पूछा- अबे माल किधर से आया?
मैं एकदम से होश में आया और मैं बात पलटते हुए कहा- अभी सैट कर रहा हूँ, देखता हूँ आज सैट हो गई तो साली के ऊपर चढ़ जाऊंगा.

उसने धीरे से कहा- साले, भाभी की सवारी तो नहीं करने वाला है?
मैंने कहा- सन्नी भोसड़ी के … फ़ालतू बात मत किया कर.
सन्नी ने हंसते हुए कहा- अबे तू तो बुरा मान गया. मैंने तो ऐसे ही मजाक किया था.

मैंने भी कुछ नहीं कहा और उसके घर से आ गया.
रास्ते में मैंने एक पॉवर वाली गोली खा ली.

मैं घर आया, तो सोनल भाभी अपने कमरे में थीं और विधि भाभी मेरे इन्तजार में पलक पांवड़े बिछाए बैठी थीं.

उनके कमरे का दरवाजा उड़का हुआ था.
मैं गाना गाता हुआ उनके कमरे के दरवाजे में धक्का देता हुआ अन्दर घुस गया.

विधि भाभी ने मुझे टुन्न दे,खा तो हंस दीं और बोलीं- अभी से ये हालत कर ली है … तो मेरी सेवा कैसे करोगे?

मैंने भाभी को देखा, तो भाभी सिर्फ ब्लाउज पेटीकोट में थीं. उनकी बड़ी बड़ी चूचियां इस कसे से ब्लाउज से बाहर को निकलने को दिख रही थीं.

मैं उधर पड़ी कुर्सी पर बैठ गया और भाभी को निहारने लगा.

न जाने क्यों मुझे अभी दिमाग में सन्नी की बात ही याद आ रही थी कि भाभी सैट कर ली है क्या.

गोली खाने मेरे लंड ने आन्दोलन शुरू कर दिया था.
सामने भरे दूध वाली मेरी विधि भाभी की मदमस्त जवानी मुझे गर्मा रही थी.

विधि भाभी भी मुझे वासना से देख रही थीं. मेरे लंड का उभार उन्हें और भी अधिक उत्तेजित कर रहा था.
उनकी नशीली निगाहें मेरे खड़े लंड पर ही टिकी थीं. उनके ब्लाउज के दो बटन खुले होने से भाभी की दूधिया घाटी बड़ी मस्त लग रही थी.

मैंने अपनी टांगें खोलते हुए अपने लंड पर हाथ फेरा और एक उंगली के इशारे से विधि भाभी को अपने करीब बुलाया.
वो गांड मटकाते हुए मेरे करीब आईं और मेरी गोद में बैठ गईं.

मैंने उनकी चूचियों को मसला और अपनी तरफ खींच कर उनके होंठों को अपने होंठों में दबा लिया.

भाभी मस्त होकर मेरे होंठों का रसपान करने लगीं.

कुछ ही पल बाद मैंने भाभी से लंड चूसने का कहा तो वो मेरी पैंट की चैन खोल कर लंड निकाल कर चूसने लगीं.

दो मिनट बाद ही मैंने उनके ब्लाउज को उतार दिया और उनको खड़ा करके पेटीकोट का नाड़ा ढीला कर दिया.
अगले ही पल पेटीकोट नीचे गिरा और भाभी की नंगी चुत मेरे सामने आ गई.

भाभी की एकदम सफाचट चुत देख कर मैंने उनकी एक टांग उठा कर अपने हाथों में ले ली और चुत को चूसने लगा. भाभी मेरे मुँह में अपनी चुत दबा कर मजा लेने लगीं. उनके मुँह से सीत्कार निकलने लगी.

पांच मिनट बाद हम दोनों नंगे होकर बिस्तर पर गुत्थमगुत्था हो गए थे. मैंने लंड चुत में पेला तो चुत में बड़ी आराम से घुसता चला गया.
उस समय तो मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया और भाभी की चुदाई करने लगा.

बीस मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद मैंने लंड का रस बाहर गिरा दिया और हम दोनों निढाल होकर लेट गए.

एक दो मिनट बाद मैंने भाभी से पूछा- किस किस से सैट हो चुकी हो भाभी?
भाभी ने भी बिंदास कह दिया- तेरा दोस्त सन्नी ही सेवा करने आ जाता है.

मैं समझ गया कि इसी लिए मादरचोद मुझसे भाभी के लिए कह रहा था.

मेरे चेहरे पर एक मुस्कान आ गई. मैंने भाभी से कहा- बुला लूं उसे भी … मन हो तो दोनों छेदों में एक साथ मजा ले लेना.
भाभी खुश हो गईं और हामी भर दी.

मैंने सन्नी को फोन लगाया और उसे गाली देते हुए कहा- साले मां के लौड़े आ जा कमीने … भाभी तुझे ही याद कर रही हैं.
वो हंस पड़ा और बोला- अभी आता हूँ.

मैंने कहा- बोतल और सिगरेट लेते आना.
वो बोला- ठीक है.

दस मिनट में सन्नी दारू की बोतल और सिगरेट ले कर आ गया.
तब तक भाभी ने एक मैक्सी पहन ली थी और किचन से तीन गिलास पानी व नमकीन ले आई थीं.

सन्नी के मैंने कमरे में अन्दर बुलाया और अब हम तीनों दारू मजा लेने लगे.

भाभी ने पैग खींचा और सन्नी की तरफ देख कर कहा- सन्नी तू न होता … तो मुझे न जाने किस किस से चुदवाना पड़ता.
मैंने कहा- भाभी, अब तो तुम दोनों नंगे हो जाओ. फिर मजा करते हैं.

सन्नी ने तो ये सुनकर झट से अपने कपड़े उतार दिए.
मैं एक चादर लपेटे हुए बैठा था.

भाभी ने भी सन्नी के पास जाकर उसकी पैंट से सिगरेट की डिब्बी निकाली, तो सन्नी ने भाभी की मैक्सी को उतार दिया.

भाभी ने नंगी होकर सन्नी को देखा, तो उसने भाभी को अपनी गोद में खींच लिया और भाभी अपनी चूचियां मिंजवाती हुई सिगरेट जलाने लगीं.

सच में इस समय भाभी बड़ी कामुक रांड लग रही थीं.

हम दोनों ने कुछ ही समय बाद भाभी की गांड और चुत में एक साथ लंड पेल दिए और उनकी मदमस्त चुदाई करने लगे.
चूंकि भाभी ने अब तक सन्नी से कई बार अपनी गांड में लंड ले लिया था, तो उनकी गांड और चुत दोनों ही मजा दे रहे थे.

इसी बीच हमारी कामुक आवाजों से हम तीनों ने ध्यान ही नहीं दिया और सोनल भाभी ने कमरे के दरवाजे की झिरी से सारा नजारा देख लिया.

अचानक से मुझे लगा कि बाहर से किसी चीज के गिरने की आवाज आई.
मैंने ध्यान दिया तो मुझे लगा कि कोई बाहर है.

मैंने विधि भाभी की तरफ देखा, तो विधि भाभी ने मुस्कान दे दी.
उनकी मुस्कान देख कर मुझे समझ ही नहीं आया कि माजरा क्या है.

मैंने उनकी सवालिया नजरों से देखा, तो विधि भाभी ने मुझे आंख मारी और गांड हिलाते हुए आवाज दे दी- रुक जा रांड … अभी दरवाजा खोल कर तुझे भी लौड़े दिलवा देती हूँ.

मैं समझ गया कि बाहर सोनल भाभी चुदने को खड़ी हैं.

मैंने भाभी की गांड से लंड खींचा और दरवाजा खोल कर सोनल भाभी को अन्दर खींच लिया.

सोनल भाभी ने एक लाल रंग की मैक्सी पहनी हुई थी. मैंने झट से उनकी मैक्सी को उतारा और उन्हें नंगी कर दिया.
भाभी ने अन्दर कुछ नहीं पहना हुआ था. वो बड़ी मस्त माल लग रही थीं.

मैंने उन्हें अपने लंड पर झुकाया और उनके मुँह में लंड पेल दिया. भाभी मेरे लंड को चूसने लगीं.

तभी विधि भाभी ने मुझसे कहा- साली दिन में कह रही थी कि चूत में बड़ी आग लगी है. इसीलिए इसे हां कह दी थी. सोनू अब ले ले साली, मैंने तेरे लिए दो दो लौड़े रेडी कर रखे हैं. बिंदास चुदवा ले.
सोनल भाभी ने ‘थैंक्यू दीदी ..’ कहा और मेरा मस्ती से लंड चूसने लगीं.

कुछ देर में ही कमरे का नजारा बड़ा हसीन हो गया था. हम चारों दारु और सिगरेट के मजे के साथ लंड चुत गांड का मजा ले रहे थे.

सोनल भाभी की गांड पैक थी, जिसे मैंने ही तेल लगा कर विधि भाभी की मदद से खोल दी थी.

उस रात के बाद से पूरे लॉकडाउन में विधि भाभी सोनल भाभी और मैं मस्ती से चुदाई का मजा लेने लगे थे. सन्नी दो दिन आया, फिर उसे एक नई चुत मिल गई थी … जिसे बाद में मैंने भी चोदा था.

वो सेक्स कहानी बाद में लिखूंगा, आप फिलहाल लंड चुत हिलाना छोड़ कर इस अपने मेल लिख कर बताएं कि गाँव की सेक्सी भाभी की कहानी कैसी लगी.

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